BSE Sensex और Nifty 50 की धीमी शुरुआत, हल्की बढ़त के साथ कारोबार
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सुस्त शुरुआत हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। एशियाई बाजारों और कच्चे तेल के भाव में नरमी है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 177.52 अंक चढ़कर 78,166.20 पर पहुंच गया। निफ्टी 37.4 अंक बढ़कर 24,234.15 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 27 पैसे बढ़कर 92.87 पर पहुंच गया।
सूचकांक / मुद्रा शुरुआती बदलाव वर्तमान स्तर
सेंसेक्स 177.52 अंक की बढ़त 78,166.20
निफ्टी 37.4 अंक की बढ़त 24,234.15
रुपया (डॉलर के मुकाबले) 27 पैसे की बढ़त 92.87
वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीदों तथा लेबनान-इजरायल के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम लागू होने के चलते शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और विदेशी फंडों की वापसी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है।
बाजार का हाल और ब्रॉडर मार्केट का दबदबा
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 177.52 अंक चढ़कर 78,166.20 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 37.4 अंक बढ़कर 24,234.15 पर पहुंच गया। खास बात यह है कि बाजार की इस तेजी में बड़े शेयरों की तुलना में छोटे और मझोले शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.85% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.5% की तेजी दर्ज की गई, जबकि मुख्य सूचकांक निफ्टी 50 केवल 0.14% चढ़ा।
प्रमुख शेयरों और सेक्टर्स का क्या हाल?
बाजार के सेक्टोरल रुख और प्रमुख शेयरों की बात करें तो स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
टॉप गेनर्स: सेंसेक्स में आईटीसी, एनटीपीसी, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई।
टॉप लूजर्स: इसके विपरीत बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई।
सेक्टोरल इंडेक्स: निफ्टी एफएमसीजी और मीडिया इंडेक्स ने 1% से अधिक की छलांग लगाई, जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.4% टूट गया।
कच्चे तेल में नरमी और रुपये की रिकवरी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सप्ताहांत में वार्ता की संभावना जताने से कच्चे तेल के बाजार में शांति लौटी है। ब्रेंट क्रूड 1% से ज्यादा गिरकर 98.31 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 93.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अप्रैल महीने में क्रूड का 100 डॉलर से नीचे आना भारत के आयात बिल के लिहाज से बेहद सकारात्मक है। कच्चे तेल में नरमी का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे मजबूत होकर 92.87 के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की वापसी
लगातार 1.6 लाख करोड़ रुपये की भारी बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक एक बार फिर लगातार दूसरे सत्र में शुद्ध खरीदार बने हैं। एफआईआई ने गुरुवार को 382 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और पिछले दो दिनों में कुल 1,048 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, छोटे और मझोले शेयरों में रिटेल निवेशकों की खरीदारी से तेजी है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि लंबी अवधि के लिए लार्ज-कैप शेयरों पर ध्यान दें और मौजूदा चौथी तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर करीब से नजर रखें। वहीं एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने आगाह किया है कि रुपये की रिकवरी अभी भी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर है।
अब आगे क्या?
भू-राजनीतिक मोर्चे पर आ रही शांति की खबरों ने शेयर बाजार को फौरी राहत जरूर दी है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता किसी सकारात्मक नतीजे पर पहुंचती है और विदेशी निवेशकों का पैसा यूं ही भारतीय बाजार में आता रहता है, तो आने वाले सत्रों में यह तेजी और स्थिरता कायम रह सकती है।
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